प्रयागराज से प्रमोद बाबू झा। आचार्य हरि कृष्ण शुक्ला गुरुजी को जानकारी प्राप्त हुई कि यमुनापार क्षेत्र के प्रसिद्ध ग्राम मझियारी का एक युवक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती है, जहाँ उसके पैर का ऑपरेशन हुआ है। यह समाचार मिलते ही गुरुदेव प्रातःकाल स्वयं अस्पताल पहुँचे, घायल युवक का कुशल-क्षेम जाना तथा परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
उपचार पर अत्यधिक व्यय होने की स्थिति को देखते हुए गुरुदेव ने अपने सामाजिक एवं प्रशासनिक संबंधों का सदुपयोग कर अस्पताल प्रबंधन से वार्ता की, जिसके परिणामस्वरूप उपचार व्यय में उल्लेखनीय राहत प्राप्त हुई। इस अवसर पर यमुनापार के अनेक पत्रकार, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने गुरुदेव की संवेदनशीलता, सेवा-भाव और जनसमर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर गुरुदेव ने कहा—
*”मनसा वाचा कर्मणा सर्वभूतेषु हिते रतः।”*
अर्थात् जो मन, वचन और कर्म से सदैव लोककल्याण में समर्पित रहता है, वही सच्चे अर्थों में समाज का सेवक है।
गुरुदेव ने दृढ़ भाव से कहा कि वे सदैव प्रयागराज एवं यमुनापार की जनता के सुख-दुःख में साथ खड़े रहेंगे और किसी भी जरूरतमंद को स्वयं को कभी अकेला नहीं समझना चाहिए।
