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प्रयागराज । उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत के कार्यों को सुचारु रखने के लिए जिलाधिकारी ने प्रशासकों को पत्र जारी कर दिया है। इससे प्रशासक वने प्रधानो की क्या होगी औकात कार्यों को लेकर प्रशासक बने प्रधानों में असमंजस की स्थिति साफ हो गई है। वह ग्राम पंचायत के सामान्य और निर्माणाधीन कार्यों को पुराने डोंगल से पूरा करा सकेंगे।वहीं नए कार्यों के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज जिले की 690 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को 26 मई को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक बना दिया गया है। तभी से सामान्य और नीतिगत कार्यों का उल्लेख स्पष्ट न होने से असमंजस की स्थिति बनी थी। प्रधानों को नहीं पता था कि उन्हें कौन से कार्य कराने हैं और किन कार्यों के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
इससे ग्राम पंचायतों में सामान्य कार्य भी रुक चुके थे। बारिश होने पर प्रधानों ने सफाई-सफाई तक के भी कार्य नहीं कराए थे। जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि सभी प्रधान से प्रशासकों को कार्यों की स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। उसमें उन्हें पुराने डोंगल से सामान्य और चले आ रहे कार्यों को कराना है। नए कार्यों के लिए अनुमति लेनी होगी।वतादेकियूपी में पंचायत चुनाव टलने के बाद 27 मई से ग्राम प्रधानों ने प्रशासक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। लेकिन शासन ने इसके लिए कुछ जरूरी और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं! जानिए प्रशासक के रूप में ग्राम प्रधान अब कैसे काम करेंगे:
👉 प्रशासक बने ग्राम प्रधान केवल सामान्य और रूटीन काम ही देख सकेंगे। कोई भी नीतिगत फैसला लेने का सीधा अधिकार उनके पास नहीं होगा।
👉 किसी भी नए काम को शुरू करने या विशेष परिस्थितियों में नीतिगत फैसले के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के जरिए डीएम (DM) की मंजूरी लेना एकदम अनिवार्य होगा!
👉 राहत की बात यह है कि पुराने, स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों का भौतिक और तकनीकी मूल्यांकन कराने के बाद प्रशासक उसका भुगतान पहले की तरह कर सकेंगे।
👉 जिन ग्राम पंचायतों में प्रधान का पद खाली है या पहले से कोई समिति है, वहां सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) को प्रशासक नामित किया जाएगा।
