शंकरगढ़ वन विभाग की बड़ी सफलता 37 बीघा आरक्षित वन भूमि पर फिर बहाल हुआ विभाग का अधिकार एसडीएम न्यायालय ने दिया आदेश

शंकर गढ़ प्रयागराज से प्रमोद बाबू झा –
 शंकरगढ़ रेंज अंतर्गत ग्राम कोटा में स्थित लगभग 37 बीघा आरक्षित वन भूमि को कथित रूप से काश्तकारों के नाम दर्ज किए जाने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग की सक्रिय पहल से भूमि पर पुनः वन विभाग का अधिकार बहाल हो गया है उपजिलाधिकारी बारा न्यायालय ने दिनांक 29/05/2026 को दिए अपने महत्वपूर्ण निर्णय में विवादित भूमि को वन विभाग के नियंत्रण एवं प्रबंधनाधीन करने तथा खातौनी में दर्ज वर्तमान नामों को निरस्त कर भूमि को पूर्ववत वन विभाग के नाम दर्ज किए जाने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम कोटा स्थित आरक्षित वन भूमि को काश्तकारों के नाम दर्ज किए जाने की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी शंकरगढ़  अजय कुमार द्वारा तत्काल प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी वन प्रभाग प्रयागराज एवं उपजिलाधिकारी बारा को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया गया। इसके उपरांत प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी वन प्रभाग प्रयागराज ने जिलाधिकारी प्रयागराज एवं उपजिलाधिकारी बारा को पत्र प्रेषित कर भारतीय वन अधिनियम की धारा-20 के अंतर्गत अधिसूचित उक्त भूमि को पुनः वन विभाग के नाम दर्ज किए जाने का अनुरोध किया।
मामले की सुनवाई माननीय न्यायालय उपजिलाधिकारी बारा के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत अभिलेखों एवं साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने गाटा संख्या 10 एवं 26 को वन विभाग के नियंत्रण एवं प्रबंधनाधीन किए जाने का निर्णय सुनाया। साथ ही खातौनी में दर्ज वर्तमान नामों को निरस्त कर भूमि को पुनः वन विभाग के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए।
न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी शंकरगढ़ अजय कुमार ने बताया कि शंकरगढ़ रेंज क्षेत्र में वन भूमि का व्यापक सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य लगातार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध कब्जे का मामला संज्ञान में आते ही तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने बताया कि रेंज क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 61-बी के अंतर्गत नोटिस जारी कर पुराने अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग द्वारा आरक्षित वन भूमि की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान वन क्षेत्राधिकारी के पदस्थ होने के बाद शंकरगढ वन रेंज में लगातार वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है जिसकी प्रबुद्ध जन सराहनीय लता रहे हैं उधर इस
मामले में वन विभाग के वकील आशीष कुमार मिश्रा ने कहा की इससे राजस्व एवं वन विभाग के अभिलेखों में एकरूपता आएगी साथ से अवैध कब्जेदारों को भी कड़ा सन्देश मिलेगा

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