चाकघाट रीवा। नगर परिषद चाकघाट में प्रभारी सीएमओ अजय पांडेय का सेमरिया स्थानांतरण होने के बाद सीएमओ का स्थान खाली हो गया है। उम्मीद जताया जा रहा है कि यहां जल्द नए सीएमओ की पदस्थापना हो सकता है अथवा किसी को पुनः प्रभार दिया जा सकता है। फिलहाल सीएमओ और इंजीनियर के प्रभार वाले वैशाख से नगर परिषद चाकघाट के 1 से लेकर 15 वार्डों की स्थिति चरमराई हुई है। मूलभूत सुविधाओं के साथ ही विकास कार्य को लेकर जनता खून के आंसू बहाने को मजबूर है। नगरवासियों में शासन प्रशासन- भाजपा जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी आक्रोश है। शासन की योजनाओं से लेकर नगर परिषद के विभिन्न छोटे-बड़े कामों को लेकर आम नागरिक कार्यालय का चक्कर काट-काट कर त्रस्त हो चुका है। निकाय क्षेत्र अंतर्गत समय पर कोई भी निर्माण एवं कार्य पूरा नहीं हो रहा है। जो कार्य हो भी रहे हैं उनमें गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। नगर परिषद अंतर्गत सफाई व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों में भारी अनियमितता है इसके साथ ही जो काम पूर्ण भी हुए हैं देखरेख के अभाव में स्थिति दयनीय बनता जा रहा है। सवाल ये है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की योजनाएं चाकघाट में नकारा साबित हुई है नागरिकों में चर्चा हैं कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था कि यही स्थिति रही तो आने वाले चुनाव में सत्ता शासन को करारा जवाब देखने को मिल सकता है
