कानपुर मेआंकड़ेबाजी में सीमित रह जाता जिले में डेंगू नियंत्रण अभियान?

कानपुर:
जनपद में डेंगू की बीमारी की चपेट में आकर हर साल तमाम लोगों की जान जा रहीं है और इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग बीमार होकर उपचार कराने को मजबूर होते हैं। इसके बाद भी विभाग डेंगू को लेकर आंकड़ों के खेल में उलझा रहता है। निजी पैथालॉजी और अस्पतालों से समन्वय न होने के कारण अधिकांश मामलों को तो दर्ज ही नहीं किया जाता है। डेंगू से बचाव के लिए विभाग अभी जागरूकता अभियान चला रहा है। वहीं संवेदनशील इलाकों में शासन के निर्देश पर बेमौसम छिड़काव भी कर चुका है। वहीं सितंबर के समय डेंगू के रोगी बढ़ने पर विभाग के पास संसाधन कम पड़ जाते हैं। डेंगू की बीमारी हर साल जिले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की भी वजह बन रही है। लेकिन सरकारी तौर पर विभाग सिर्फ आंकड़ेबाजी तक सीमित रहता है। विभाग के तीन साल के आंकड़ों को देखा जाए तो वर्ष 2023 में जिले में 108 मरीज पाजटिव निकले थे। वहीं 2024 में इनकी संख्या सिर्फ 23 थी। 2025 में 61 लोगों के डेंगू पाजिटिव होने की बात विभाग ने स्वीकार की थी। इसमें भी 2023 में 80 मरीजों को दूसरी पैथालॉजी ने रिपोर्ट किया था, जबकि 2025 में 32 मरीजों को प्राइवेट पैथॉलाजी ने रिपेार्ट किया था। निजी पैथालॉजी में संख्या बढ़ते ही विभाग का उन पर दबाव पड़ता है तो वह मरीज को तो रिपोर्ट दे देते हैं, लेकिन विभाग को नहीं भेजते हैं। यही काम निजी अस्पताल भी कर रहे हैं। डेंगू का उपचार तो वह करते हैं, लेकिन इसकी रिपोर्ट मलेरिया विभाग को नहीं भेजते हैं। इससे सैकड़ों लोगों के डेंगू से पीड़ित होने के बावजूद उनकी वास्तविक संख्या सामने नहीं आ पाती है।

संचारी रोग अभियान में बांटे पर्चे और किया छिड़काव
अप्रैल के महीने में संचारी रोग अभियान के तहत मलेरिया विभाग की ओर से जागरुकता अभियान चलाया गया। इसके साथ ही जिन इलाकों में बीते साल डेंगू के मामले आये थे, उन्हें संवेदनशील मानते हुए कीटनाशक का छिड़काव कराया गया है। बीते साल जनपद में 47 स्थान चिह्नित हुए थे।
साफ पानी में डेंगू का मच्छर, दिन में बनाता है निशाना
गंदगी और जलभराव से पैदा हो रहे मच्छर
पूरे जिले के इलाकों में मच्छरों का प्रकोप चरम पर हैं। इसकी बड़ी वजह गांवों से लेकर कस्बों तक गंदगी और जलभराव भी है। कहने को तो नगरीय क्षेत्रों में जलनिकासी के लिये नाले बने हैं, लेकिन अधिकांश समय इस पानी को निकलने का कहीं इंतजाम न होने से नालों में पानी भरा रहता है। बंद नालों में आसानी से मच्छर पनप कर बीमारी पैदा कर रहे हैं। इसके लिये कोई बचाव के इंतजाम नहीं कर सका है।
वार्ड है पर अभी कोई इंतजाम नहीं
मेडिकल कालेज में एक कक्ष को डेंगू वार्ड के रुप में परिवर्तित किया है। इसी कक्ष को हर स्पेशल बीमारी के समय उसी बीमारी का विशेष वार्ड बना दिया जाता है। डेंगू के मरीज आने पर यहीं मच्छरदानी आदि का इंतजाम किया जाता है। अभी कोई मरीज न होने से इसमें तालाबंदी रहती है।
डेंगू पर नियंत्रण के लिये अभी अभियान चलाया गया है। सभी संवेदनशील 47 जगहों पर हमारी टीमों ने जाकर लोगों को जल जमाव न होने देने के लिये जानकारी दी है। उनके कूलर फ्रिज आदि भी चेक किये हैं। संवेदनशील स्थानों पर छिड़काव भी किया है। इस वर्ष अभी तक कोई डेंगू का केस नहीं है।

मारुति दीक्षित जिला मलेरिया अधिकारी

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