सरकार और न्यायालय के आदेशों मे लटकी प्रधानों की प्रधानी ये है गांवों मे जन विकास की कहानी।
प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार के फैसले को असंवैधानिक बताया है।
यह आदेश अरविंद राठौर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायतों के प्रशासनिक संचालन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। ये तो रही सरकार और न्यायालय की बात मगर ऐसे में गांव की जनता का विकास का कार्य किस तरह बंद और बाधित हो रहा है इसका जबाब कहा से मिले ?
सरकार और न्यायालय के आदेशों मे लटकी प्रधानों की प्रधानी ये है गांवों मे जन विकास की कहानी।
