प्रयागराज: संगम की रेती के नीचे मिली 45 किमी लंबी प्राचीन नदी

प्रयागराज:

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के संगम क्षेत्र के नीचे वैज्ञानिकों ने एक बेहद चौंकाने वाली खोज की है। CSIR (वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद) और NGRI (राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान) के शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक भू-भौतिकीय सर्वे और ड्रिलिंग के माध्यम से जमीन के अंदर दबी एक विशाल प्राचीन नदी के मार्ग (Paleochannel) की पहचान की है।

मुख्य तथ्य:
चौड़ाई: यह प्राचीन नदी लगभग 4 से 5 किलोमीटर चौड़ी थी।

लंबाई: अब तक के सर्वे में यह लगभग 45 किलोमीटर तक फैली हुई पाई गई है।

गहराई: यह नदी मार्ग वर्तमान सतह से करीब 10-15 मीटर नीचे स्थित है।

वैज्ञानिक महत्व: वैज्ञानिक इसे एक ‘पेलियो चैनल’ मान रहे हैं, जो प्राचीन समय में जल का मुख्य स्रोत रही होगी। यह खोज भविष्य में भूजल (Groundwater) के प्रबंधन और गंगा सफाई अभियान के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

पौराणिक संबंध: इस खोज ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। स्थानीय लोग और कई विद्वान इसे विलुप्त ‘सरस्वती नदी’ का भौतिक प्रमाण मान रहे हैं।

स्रोत: CSIR-NGRI शोध रिपोर्ट और सोशल मीडिया न्यूज़ अपडेट्स।
डिस्क्लेमर: यह सूचना विभिन्न न्यूज़ रिपोर्ट्स, शोध के शुरुआती दावों और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसकी पूर्ण वैज्ञानिक पुष्टि आधिकारिक अंतिम रिपोर्ट के अधीन है।

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