प्रयागराज: सिफरी द्वारा तीस हजार मछली को संरक्षण के लिए गंगा नदी में छोड़ा गया

प्रयागराज:
गंगा नदी में विलुप्त हो रहे मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण एवम् संवर्धन को ध्यान में रखते हुए, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् – केन्द्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी), प्रयागराज के द्वारा आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को पवित्र पावन गंगा और यमुना के संगम तट पर गंगा नदी में 30000 (तीस हजार) भारतीय प्रमुख कार्प – कतला, रोहू, मृगल मछलियों के अँगुलिका बीज को रैंचिंग कार्यक्रम के तहत छोड़ा गया,एक किलोग्राम में इन अँगुलिकाओ के लगभग 66 मछलियाँ आती हैं,इस तरह कुल 455 किलोग्राम के लगभग मछलियों को गंगा नदी में छोड़ा गया जिससे नदी की मत्स्य संपदा के साथ – साथ मछलियों के संख्या में वृद्धि होगी,राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के अन्तर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा० धर्म नाथ झा ने उपस्थित लोगों को नमामि गंगे परियोजना के बारे में जानकारी दी जिसके अन्तर्गत पुरे गंगा नदी में कम हो रहे महत्वपूर्ण मत्स्य प्रजातियों के बीज का रैंचिंग होना रखा है साथ ही लोगो को गंगा के जैव विविधता और स्वच्छता के बारे में जागरूक करना है,संस्थान के केन्द्राध्यक्ष डा० बी० आर० चव्हाण ने समारोह को सम्बोधित करते हुए गंगा नदी में मछली और रैंचिंग के महत्व को बताया,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ संतोष कुमार शुक्ला कार्यकारी सचिव NASI प्रयागराज ने मानव सभ्यता के लिए गंगा के महत्व को बताया और गंगा को स्वच्छ रखने एवम जैव विविधता को बचाने के लिए उपस्थित लोगों से आह्वान किया,संस्थान के वैज्ञानिक डा० अबसार आलम ने मछलियों के उपयोगिता पर प्रकाश डाला,इस अवसर पर श्री राजेश शर्मा संयोजक नमामि गंगे गंगा विचार मंच राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार, ने मंत्रालय द्वारा गंगा सफाई के लिए किए कार्यो का उल्लेख किया तथा गंगा को साफ रखने के लिए शपथ दिलाया,मछुआरों ने भी सभा में अपनी बातों को रखा और सभी ने गंगा के प्रति जागरूक होने के साथ ही गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प व्यक्त किया,कार्यक्रम में मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारी के साथ – साथ गंगा टास्क फोर्स गंगा विचार मंच गंगा प्रहरी चंदू निषाद संदीप प्रियांशु पूनम आस – पास गाँव के मत्स्य पालक मत्स्य व्यवसायी स्नानार्थी तथा माँ गंगा सेवा समिति के पदाधिकारी गंगा तट पर रहने वाले स्थानीय लागों ने भाग लिया,कार्यक्रम के अन्त में संस्थान के वैज्ञानिक डा० वेंकटेश ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हम इस परियोजना के उद्देष्यों को पाने में सफलता प्राप्त करेंगे,कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डा० अबसार आलम डॉ विकास कुमार डॉ जितेंद्र कुमार आदि के साथ साथ शोधार्थी डॉ रईस भट्ट डा० संदीप कुमार मिश्र श्री सुशील वर्मा आदि ने भाग लिया और सभा को सम्बोधित किया।

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