शंकरगढ़ बीईओ की गलत आख्या पर डीएम ने बीएसए को सौंपी जांच :  फर्जी निवास के सहारे बने शिक्षकों की शिकायत पर बीईओ ने लगाई थी गलत आख्या ?

शंकरगढ़(प्रयागराज) बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का खुलासा अब नए सवाल खड़े कर रहा है । बेसिक शिक्षा विभाग प्रयागराज में फर्जी निवास प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध भी जांच चल रही है । जिसमें विकासखंड शंकरगढ़ अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय लोनीपार व उच्चतम प्राथमिक विद्यालय देवरा में पदस्थ शिक्षक का नाम शामिल है  इस वावत विशेष प्रतिनिधि  विकासपटेलके अनुसार गुरुवार को हुई शिकायत में जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने दोनों शिक्षकों के निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापन कराने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज अनिल कुमार को आदेश दिया है ,और जवाब मांगा है । और खंड शिक्षा अधिकारी शंकरगढ़ अखिलेश कुमार वर्मा पर शिकायत कर्ता द्वारा गलत आख्या लगाएं जाने पर जांच कर कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए हैं । आपको बता दें कि शंकरगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कई घरों से फर्जी निवास बनवाकर जेबें भरी जा रही थी , वहीं फर्जी निवास के सहारे बड़ी संख्या में युवा सरकारी सेवा में आ चुके हैं । लेकिन राज्य सरकार के पास अब तक यह स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है कि फर्जी निवास से कितने लोग सरकारी नौकरी में नियुक्त हो चुके हैं । आप को बता दें कि शिकायत कर्ता विकास सिंह ने बताया कि आईजीआरएस के माध्यम से 14 फरवरी 2026 को मामले में शिकायत दर्ज की थी । इसके बाद सूचना का अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से पूर्व में लगाए गए निवास प्रमाण पत्रों की जानकारी विभाग से मांगने की बात रखी है । आप को बता दे कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जहां पर फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं । इन सभी शिक्षकों की जांच करके जो भी वेतन लिए गए उन्हें रिकवरी करने के निर्देश दिए गए हैं । इसके साथ ही इन सभी के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए गए

 

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