नारी वारी प्रयागराज से प्रमोद बाबू प्रयागराज बारा तहसील अंतर्गत फुलतारा में रविवार को किसानों की जनसभा आयोजित की गई। इस दौरान भारी तादाद में किसानों ने भाग लिया और विंध्याचल-वाराणसी पारेषण लिमिटेड (पावर ग्रिड) द्वारा प्रस्तावित 765 केवीए बिजली उपकेंद्र की स्थापना हेतु किए जा रहे भूमि सर्वेक्षण का जोरदार विरोध जताया। किसानों ने तख्ती-पट्टियों पर नारे लिखकर प्रदर्शन किया और अपनी उपजाऊ जमीन बचाने की मांग उठाई।
किसानों का कहना है कि जिस भूमि पर उपकेंद्र स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, वह पूरी तरह सिंचित और दो फसली जमीन है। यह क्षेत्र टोंस नहर और बाघला पम्प नहर के किनारे स्थित है, जिससे यहां की खेती अत्यंत उपजाऊ और उत्पादक है। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकांश किसान इसी भूमि पर निर्भर हैं और खेती ही उनके जीवन-यापन का एकमात्र साधन है। ऐसे में जमीन अधिग्रहण से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्राम फुलतारा और सलैया पनियारी के किसानों का दावा है कि लगभग 95 प्रतिशत किसान अपनी भूमि देने को तैयार नहीं हैं। इसके बावजूद पावर ग्रिड और तहसील प्रशासन के कर्मचारी बिना सहमति के खेतों का सीमांकन कर लाल झंडियां लगाकर सर्वेक्षण कार्य कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भूमि अर्जन अधिनियम-2013 की धारा-10, धारा-2 (2)(6) और धारा-17 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि जब तक विधिसम्मत प्रक्रिया और किसानों की सहमति नहीं ली जाती, तब तक सर्वेक्षण और अधिग्रहण की कार्रवाई रोकी जानी चाहिए।
जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि बिजली उपकेंद्र की स्थापना यदि आवश्यक है तो उसे दो फसली उपजाऊ भूमि पर न बनाकर अन्य ग्राम पंचायतों में उपलब्ध बंजर, एक फसली, सरकारी या निष्प्रयोज्य भूमि पर स्थापित किया जाए। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि वैकल्पिक स्थानों का सर्वे कर परियोजना को वहां स्थानांतरित किया जाए, जिससे किसानों की आजीविका प्रभावित न हो।
किसानों ने अपनी आपत्तियां उपजिलाधिकारी बारा तथा उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) लखनऊ के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल को लिखित रूप में सौंप दी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेंगे।इस दौरान बिश्वभर मिश्र हरिहर कुशवाहा सूबेदार सिंह प्रधान प्रतिनिधि फुलतारा रबीश मिश्र पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष. अयोध्या लाल पाल दिवाकर त्रिपाठी विनोद कुमार मिश्र सत्यम शुक्ला भईयन कुशवाहा शालीग्राम मिश अमर कुशवाहा शोभा लाल सुरेन्द्र धनराजी राजेश्वरी दुबेदी पान कली कुशवाहा सहित भारी तादाद मे किसान मजदूर मौजूद रहे
