सामाजिक सदभाव के प्रणेता अर्कनाथ ठाकुर नेताजी पंच तत्व में विलीन।

प्रयागराज से प्रमोद बाबू झा चंद्र मणि मिश्र।मैथिल ब्राह्मण समाज प्रयागराज शंकर गढ़ कपडौरा छपा महराज पुरवा के जाने माने समाज सेवी अर्कनाथ ठाकुर नेता जी का अंतिम संस्कार दारागंज प्रयागराज में शुक्रवार को हुआ उनके भतीजे प्रदीप कुमार ने मुखाग्नि दी इस दौरान उनके भाई सविता नाथ कान्तेश्वर नाथ व उनकी वेटी मंजू मिश्रा व प्रीति झा एवं दोनों दामाद तथा भतीजे वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद बाबू झा अंजनी लाल पूर्व मंडल अध्यक्ष व हास्य कवि ठाकुर इलाहाबादी आलोक कुमार ठाकुर अमित कुमार आनंद ठाकुर व विकास झा सहित परिवार जनों के अलावा कुलदीप पाठक दीपू पाठक डब्लू पाठक निर्मल मिश्र साहब झा सहित अनेक रिस्तेदारो के अलावा युवराज सिंह एडवोकेट समाजसेवी राजेन्द्र मिश्र बबुआन भाजपा नेता विभव नाथ भारतीय युवामैथिल तीर्थ पुरोहित अमित मिश्रा सहित सैकड़ों लोग अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुए। उनके निधन पर नंदकुमार झा नंद डा ए जन झा के अलावा पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष महेन्द्र कुमार शुक्ल पूर्व प्रधान जीत बहादुर सिंह संतोष सिंह प्रधान मवैया कला दिनेश कुमार मिश्रा प्रधान जूही चंद्र मणि मिश्र समाजसेवी शंकर गढ़ वरिष्ठ समाजसेवी संत प्रसाद पाण्डेय वरिष्ठ पत्रकार सूर्य कान्त शुक्ला सहित लोगों ने शोक श्रद्धांजलि अर्पित किया। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अर्कनाथ ठाकुर नेताजी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री रहे इलाहाबाद के विकास पुरुष स्व हेमवती नंदन बहुगुणा के विश्वसनीय कार्यकर्ताओं में थे और बहुगुणा जी के परिवार से आजीवन जुड़े रहे बहुगुणा जी की बेटी पूर्व सांसद डा रीता बहुगुणा जोशी भी स्व अर्कनाथ को अपने परिवार के सदस्य की तरह सम्मान देती थी खास बात यह थी कि अर्कनाथ नेताजी सामाजिक सद्भाव आपसी भाईचारा बनाने वाले व्यक्तित्व थे। किसी के घर शादी विवाह हो या किसी के यहां कोई कार्यक्रम हो वे सक्रिय रहते थे वे खुद हर वर्ष पूषी तेरस अपने जन्म दिवस पर गांव के पास विजया नाथ शिवमन्दिर में सर्वहारा भंडारा आयोजित करते थे अपने घर पर भी कभी अखंड मानस पाठ और रुद्राभिषेक भागवत कथा भी कराते थे और हजारों लोगों का भंडारा होता था यही नहीं आदर्श रामलीला कमेटी भगदेवा कपडौरा के अध्यक्ष बतौर ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किए और ग्रामीण कलाकारों को प्रोत्साहित किया खास बात यह थी कि वे जीवन भर समाज सेवा किये उनकी दो बेटियां हैं और पिछले कुछ वर्षों से वे अधिकांश पाटन व गोंदिया में बेटियों के यहां रहते थे मगर जन्म भूमि के प्रति सदा लगाव था तभी तो उनके छोटे भाई स्व दिवानाथ की तेरहवीं हुई और दो दिन बाद ही वगैर किसी की सेवा लिये शानदार तरीके से स्वर्ग सिधार गये । उनके बड़े दामाद संदीप मिश्रा दैनिक भास्कर के वरिष्ठ पत्रकार मीडिया छेत्र से जुड़े हैं जबकि छोटे दामाद डाक विभाग में कार्यरत हैं बड़ी बेटी मंजू मिश्रा अपने छेत्र की जानी मानी समाज सेविका है और अपने पिता की अंत्येष्टि से कर्मकांड तक बिधिबिधान से कराने में एक पुत्री ही नहीं पुत्र की तरह अहं भूमिका निभा रही हैं।

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