प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह पहुंचे तपोवन। आचार्यहरिकृष्ण शुक्लागुरूजी ने कहा तप से विचार, विचार से संगठन और संगठन से राष्ट्रवैभव का होता है निर्माण

 प्रमोद बाबू झा  प्रयागराज ।

संगम नगरी तीर्थराज प्रयाग की परम पावन तपोभूमि तपोवन आश्रम में  पूज्य आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुदेव के पावन सान्निध्य में प्रयागराज के प्रभारी मंत्री भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, प्रखर संगठन-शिल्पी, उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश शासन के यशस्वी कैबिनेट जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जी का आत्मीय, गरिमामय एवं श्रद्धापूर्ण आगमन हुआ।इस अवसर पर राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, संगठन-सुदृढ़ीकरण, जनजागरण तथा उत्तर प्रदेश के समग्र राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत, गंभीर एवं सारगर्भित विचार-विमर्श सम्पन्न हुआ। स्वतंत्र देव सिंह ने प्रयागराज जनपद की समस्त विधानसभाओं की वर्तमान राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्थिति, जनभावनाओं तथा आगामी विधानसभा चुनावों में प्रयागराज की सभी विधानसभाओं एवं सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड विजय के विविध आयामों पर  गुरुदेव से विस्तृत चर्चा कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
साथ ही समाज जीवन से जुड़े समसामयिक विषयों, जनसेवा, संगठन विस्तार तथा राष्ट्रचेतना के विभिन्न पक्षों पर भी गंभीर मंथन हुआ।

इस दौरान गुरुदेव ने अपने मार्गदर्शी उद्बोधन में कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित, संस्कारित एवं कर्मशील कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा, संवाद, समन्वय एवं राष्ट्रभावना को पहुँचाने का संदेश देते हुए संगठनात्मक सक्रियता, जनविश्वास एवं लोककल्याण को विजय का मूल आधार बताया।

संवाद के क्रम में पूज्य गुरुदेव ने श्री स्वतंत्र देव सिंह के प्रारंभिक संगठनात्मक जीवन, उनकी सादगी, कर्मनिष्ठा, अनुशासन एवं संगठन के प्रति अविचल समर्पण का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में प्रारम्भ हुई उनकी यात्रा आज भी उसी सेवाभाव एवं विनम्रता के साथ निरंतर गतिमान है। विशेष रूप से जलशक्ति मंत्री के रूप में बुंदेलखंड सहित जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में उनके नेतृत्व में सम्पन्न कार्यों को लोककल्याण, सुशासन एवं अंत्योदय की भावना का प्रेरणास्पद उदाहरण बताते हुए उनकी मुक्तकंठ से सराहना की।

अत्यंत व्यस्त शासकीय एवं संगठनात्मक दायित्वों के मध्य भी श्री स्वतंत्र देव सिंह ने लगभग तीन घंटे तक तपोवन आश्रम में प्रवास कर पूज्य गुरुदेव के सान्निध्य में राष्ट्र, समाज एवं संगठन से जुड़े विविध विषयों पर आत्मीय संवाद किया। तत्पश्चात आश्रम में प्रसाद-भोजन ग्रहण कर पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा राष्ट्रसेवा, समाजसेवा एवं संगठन-साधना के नवसंकल्प के साथ प्रस्थान किया। इस मौके पर गुरू जी के समर्थकों ने मंत्री जी का शानदार स्वागत किया।

 

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